जशपुर में ‘गजराज’ की रहस्यमयी मौत: दुलदुला के जंगल में किसने ली दंतैल की जान? वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
सम्पादक श्याम नारायण गुप्ता
जशपुर/ जशपुर जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र के हल्दीमुंडा-ढोढीआरा गांव के जंगल में मिला दंतैल हाथी का शव पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन मौत के कारणों को लेकर अब भी रहस्य बरकरार है।ग्रामीणों का दावा: मौत सामान्य नहीं मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की हालत देखकर मौत सामान्य नहीं लग रही। शव की स्थिति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। क्या ये शिकारियों का काम है? क्या हाथी को जहर दिया गया? या फिर मानव-हाथी संघर्ष का नतीजा है? इन सवालों के जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं।
वन विभाग की कार्यशैली कठघरे में इलाके के लोगों का आरोप है कि वन्यजीवों की निगरानी के नाम पर वन विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई करता है। जंगल में गश्त न के बराबर होती है और हाथियों के मूवमेंट की जानकारी भी समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुंचती। ऐसे में दंतैल जैसे बेशकीमती वन्यजीव की मौत विभाग की लापरवाही को उजागर करती है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी राज वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल अज्ञात कारणों से मौत का मामला दर्ज कर जांच जारी है।उठ रहे हैं ये बड़े सवाल: दंतैल हाथी की मौत की असली वजह क्या है?जंगल में वन विभाग की गश्ती टीम कहां थी?
क्या शिकारियों का गिरोह इलाके में सक्रिय है?पहले भी हो चुकी वन्यजीव मौतों से विभाग ने क्या सबक लिया?










