पत्थलगांव ब्लॉक में शिक्षा के मंदिर को बनाया नशे का अड्डा: टिकरापारा स्कूल के प्रधान पाठक अनुरंजन कुजूर 1 महीने से फरार, शराब के नशे में टल्ली रहने का आरोप
सम्पादक श्याम नारायण गुप्ता
पत्थलगांव / पत्थलगांव ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुरेशपुर के टिकरापारा शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। यहां पदस्थ प्रधान पाठक अनुरंजन कुजूर पिछले एक महीने से स्कूल ही नहीं आ रहे हैं।ग्रामीणों और पालकों ने आरोप लगाया है कि प्रधान पाठक अनुरंजन कुजूर आए दिन शराब के नशे में रहते हैं और इसी कारण वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। एक महीने से उनके गायब रहने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो गई है। स्कूल में बच्चे आते हैं और बिना पढ़ाई के ही लौट जाते हैं।पालकों में भारी आक्रोश ग्रामीणों का कहना है कि “प्रधान पाठक साहब को कई बार समझाया, लेकिन वे सुनते ही नहीं। शराब पीकर स्कूल आना और अब तो एक महीने से गायब ही हो जाना, यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।”इस मामले की शिकायत ग्रामीणों ने संकुल और पत्थलगाव ब्लाक शिक्षा अधिकारी तक पहुंचाई है। शिकायत के बाद अब विभाग हरकत में आया है।
*विभाग ने कहा – होगी कार्रवाई*
संबंधित विभाग पत्थलगांव के ब्लाक शिक्षा अधिकारी कमलेश यादव ने बताया कि प्रधान पाठक अनुरंजन कुजूर के एक महीने से अनुपस्थित रहने और शराबखोरी की शिकायत आई है। जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिस पर उनके द्वारा संतोषजन जवाब नहीं दिया है जिसकी जानकारी बना कर अपने उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबन सहित कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।










