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महिला प्राचार्य को ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना: आरोपी अजित गुप्ता और अमन गुप्ता आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर _एसटी-एससी एक्ट में अपराध दर्ज, फिर भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस की भूमिका संदिग्ध_

महिला प्राचार्य को ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना: आरोपी अजित गुप्ता और अमन गुप्ता आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

सम्पादक श्याम नारायण गुप्ता 

_एसटी-एससी एक्ट में अपराध दर्ज, फिर भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस की भूमिका संदिग्ध_

*जशपुर/उदयपुर एक्सप्रेस पत्थलगांव।* महिला प्राचार्य को ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोपी अजित गुप्ता और अमन गुप्ता आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। महिला प्राचार्य की शिकायत पर पत्थलगांव पुलिस ने एसटी-एससी एक्ट एवं विभिन्न धाराओं में अपराध तो पंजीबद्ध कर लिया है, लेकिन गिरफ्तारी के नाम पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

क्या है मामला

आरोप है कि अजित गुप्ता और अमन गुप्ता ने महिला प्राचार्य को ब्लैकमेल किया और लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने दबाव बनाकर उन्हें परेशान किया, जिससे उनका मानसिक संतुलन तक बिगड़ने लगा। पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने एसटी-एससी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया।

अपराध दर्ज, गिरफ्तारी नदारद

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद दोनों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। सवाल यह है कि एसटी-एससी एक्ट जैसे गंभीर अपराध में भी पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं की? क्या आरोपियों को किसी का संरक्षण प्राप्त है? पीड़िता का कहना है कि थाने के चक्कर काट-काटकर वह थक चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है।

पीड़िता की आपबीती

पीड़िता के अनुसार ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना ने उनकी जिंदगी दूभर कर दी है। नौकरी, सम्मान और मानसिक शांति सब कुछ दांव पर लग गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।

कब जागेगी पुलिस?

महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन इस मामले में मौन है। स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर आक्रोश है। मांग है कि पुलिस तत्काल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करे।

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