पाकरगांव हादसा: रातभर चला संघर्ष, फिर बनी सहमति, JE और ठेकेदार पर FIR
सम्पादक श्याम नारायण गुप्ता
*पत्थलगांव।* पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान करंट की चपेट में आए दो मजदूरों की मौत के बाद बुधवार को सिविल अस्पताल परिसर में दिनभर हंगामा और धरना चलता रहा। देर रात प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद सहमति बन गई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
हादसे में दो की मौत, दो घायल
मंगलवार को ग्राम पाकरगांव में एनएच-43 पर गुडलक फ्लाईओवर के पास पोल शिफ्टिंग के दौरान खंभा 11 हजार वोल्ट की चालू लाइन से छू गया। हादसे में अलेख एक्का (निवासी भेड़ीमुड़ा, पत्थलगांव) और टोमन ध्रुव (निवासी बाम्हनडीह पंचायत, गरियाबंद) की मौत हो गई, जबकि त्रिभुवन ध्रुव और लोचन मांझी गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों का इलाज सिविल अस्पताल में जारी है।
50 लाख की मांग पर अड़े रहे परिजन
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। वे 50-50 लाख रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग को लेकर सिविल अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेसी नेता भी मौके पर जुट गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी परिजनों से मिलने पहुंचे और 50 लाख मुआवजे की मांग का समर्थन किया।
देर रात बनी सहमति
रातभर चली बातचीत के बाद प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई। सहमति के अनुसार प्रत्येक मृतक के परिजन को 15-15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। साथ ही विद्युत विभाग के जेई और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर भी सहमति बनी।










