*पत्थलगांव में जमीन दलालों का नया पैंतरा: सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर बेच रहे आदिवासी जमीन*
संपादक श्याम नारायण गुप्ता उदयपुर एक्सप्रेस
_डिजिटल हथकंडा: रील और वीडियो से बाहर के खरीदारों को लुभा रहे दलाल, प्रशासन बना मूकदर्शक_
*जशपुर।* जशपुर जिले के पत्थलगांव में जमीन दलालों ने आदिवासी जमीन बेचने का नया और खतरनाक तरीका अपनाया है। अब सौदा खेत-खलिहान में नहीं, बल्कि *सोशल मीडिया के स्क्रीन पर* हो रहा है। दलाल आकर्षक वीडियो और रील बनाकर जमीन की खरीद-बिक्री का खेल खेल रहे हैं।
*कैसे चल रहा है खेल?*
बताया गया है कि दलाल आदिवासी किसानों की जमीन के चमचमाते वीडियो शूट करते हैं, ड्रोन जैसे शॉट्स और लुभावने कैप्शन के साथ इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है। बाहर बैठे खरीदार इन्हीं वीडियो को देखकर जमीन पसंद करते हैं और सौदा तय हो जाता है। न जमीन देखनी पड़ती है, न मौके पर आना पड़ता है, सब कुछ फोन की स्क्रीन पर।
*कानून ताक पर, धंधा बेखौफ*
आदिवासी बहुल क्षेत्र में जमीन की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक के कड़े नियम हैं, इसके बावजूद यह धंधा बेखौफ चल रहा है। सवाल यह है कि जब कानून साफ है, तो दलालों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या इसके पीछे भी किसी का ‘संरक्षण’ है?
*ग्रामीणों का आरोप: प्रशासन मूकदर्शक*
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते दलाल सक्रिय हैं। शिकायतों के बावजूद न कोई जांच हुई, न कोई कार्रवाई। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी रोष है।
*मांग: जांच हो, कार्रवाई हो*
मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे वीडियो और अकाउंट्स की निगरानी की मांग भी जोर पकड़ रही है, ताकि आदिवासियों की जमीन का यह डिजिटल सौदा रोका जा सके।
*सावधान:* आदिवासी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री कानूनन अपराध है।










